एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
जीबी पंत मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय, रामपुर को आधुनिक और स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय में डिजिटल अटेंडेंस एवं लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम को लेकर ओरिएंटेशन कम लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति, पुस्तकालय सेवाओं और संबंधित रिकॉर्ड को तकनीक के माध्यम से अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम में चंद्र ठाकुर ने रिसोर्स पर्सन के रूप में डिजिटल सिस्टम की कार्यप्रणाली और इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ-साथ पुस्तकालय रिकॉर्ड और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का प्रबंधन भी अधिक सुगमता से किया जा सकता है। इस दौरान ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम का ट्रायल भी किया गया। रिसोर्स पर्सन ने उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों को सिस्टम के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इससे डिजिटल माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को समझने में प्रतिभागियों को मदद मिली।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लाइब्रेरी कार्ड भी अपग्रेड किए गए। इससे पुस्तकालय में पुस्तकों के रिकॉर्ड, निर्गमन और वापसी जैसी सेवाओं को अधिक आधुनिक एवं व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। डिजिटल सिस्टम लागू होने से रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने, समय की बचत करने और आवश्यक जानकारी को आसानी से उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी। ओरिएंटेशन सत्र को संवादात्मक रखा गया। शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने डिजिटल प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने के साथ-साथ अपने सवाल भी रखे। रिसोर्स पर्सन ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सिस्टम के व्यावहारिक उपयोग से संबंधित जानकारी साझा की।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पंकज बसोतिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल संस्थान की प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने डिजिटल अटेंडेंस और लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम को महाविद्यालय को स्मार्ट कैंपस की दिशा में ले जाने वाली उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. विद्या बंधु, पीटीए अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर और सलाहकार डीडी कश्यप सहित महाविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी मौजूद रहे।
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार डिजिटल व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने से न केवल रिकॉर्ड प्रबंधन आसान होगा, बल्कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
