एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रचनात्मक शिक्षा युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है। ललित कला केवल कला का माध्यम नहीं, बल्कि रचनात्मकता, सौंदर्यबोध और मानवीय संवेदनाओं को विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत और अन्य कलाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का व्यक्तित्व निखरता है तथा उनमें आत्मविश्वास और नवाचार की भावना विकसित होती है।
विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के जवाहरलाल नेहरू ललित कला राजकीय महाविद्यालय, लौहारब में आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का सपना लौहारब में ललित कला महाविद्यालय स्थापित करना था। इसी सोच के तहत वर्ष 2016 में इसकी आधारशिला रखी गई और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2024 में इसका लोकार्पण किया। आज यह संस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
रोजगारोन्मुख शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी 30 राजकीय महाविद्यालयों में कौशल विकास से जुड़े विभिन्न ट्रेड शुरू किए गए हैं। साथ ही चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिल सकें।
छात्राओं की सुरक्षा और बस सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
विक्रमादित्य सिंह ने महाविद्यालय प्रशासन को छात्राओं की सुरक्षा, सुविधा और आवागमन के लिए बस सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से इस महाविद्यालय को प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में शामिल किया जा सकता है।
बरसात के बाद शुरू होगा सड़क निर्माण कार्य
उन्होंने घोषणा की कि महाविद्यालय परिसर तक सड़क की टायरिंग और मेटलिंग का कार्य बरसात समाप्त होते ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक बजट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।
नशे से दूर रहने का आह्वान, 51 हजार रुपये देने की घोषणा
मंत्री ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभावकों के मार्गदर्शन से युवा अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उन्होंने महाविद्यालय को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की।
इससे पहले महाविद्यालय की प्रधानाचार्य कामायनी बिष्ट ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए संस्थान की वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी दी। समारोह में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
2.75 करोड़ के पुल और 14 करोड़ की सड़क परियोजना का निरीक्षण
समारोह के बाद विक्रमादित्य सिंह ने नयासेर खड्ड पर लगभग 2.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नयोहठ-नयासेर-देवीधार पुल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि नयोहठ-नयासेर-देवीधार सड़क के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुसार चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य और आवश्यक नए बस रूट भी स्वीकृत किए जाएंगे।
