एआरबी टाइम्स ब्यूरो | नई दिल्ली
Jaspal Rana Death News : भारतीय निशानेबाजी जगत से शुक्रवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी मनु भाकर के कोच रहे मशहूर निशानेबाज एवं कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 28 जून 1976 में जन्म राणा ने शुक्रवार को दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राणा उत्तरकाशी (उत्तराखंड) के रहने वाले थे।
बताया जा रहा है कि जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटे थे। वापसी के दौरान फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। दिल्ली पहुंचते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने स्टेंट डाला। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
भारतीय शूटिंग के हाई-परफॉर्मेंस कोच थे जसपाल राणा
जसपाल राणा वर्तमान में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। फरवरी 2025 में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उन्हें आधिकारिक तौर पर 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया था। उनकी कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासित कोचिंग शैली का ही परिणाम था कि भारतीय निशानेबाजों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया। मनु भाकर की सफलता में भी उनके मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही।
द्रोणाचार्य पुरस्कार से हुए थे सम्मानित
भारतीय निशानेबाजी में उत्कृष्ट योगदान के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में जसपाल राणा को प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्होंने एक खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सेवा की। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कई पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। युवा निशानेबाजों को प्रेरित करने और शूटिंग खेल को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का नाम रोशन किया और एक मेंटर के रूप में कई युवा खिलाड़ियों का भविष्य संवारा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी लगन, अनुशासन और खेलों के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। जसपाल राणा का निधन केवल भारतीय निशानेबाजी ही नहीं, बल्कि पूरे खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। एक सफल खिलाड़ी, कुशल कोच और प्रेरणादायी गुरु के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
