एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
उपमंडल रामपुर की ग्राम पंचायत डंसा और रचोली के जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने उपमंडलाधिकारी रामपुर को ज्ञापन सौंपकर सुंडा-सनेई सड़क पर लगातार हो रहे भूस्खलन और पत्थर गिरने की समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई है। उन्होंने लोक निर्माण, वन, राजस्व और पंचायत विभाग की संयुक्त समिति गठित कर सात दिनों के भीतर मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा कार्य शुरू करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले तीन-चार वर्षों से इस मार्ग पर लगातार बड़े पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे सड़क पर आवागमन जोखिमपूर्ण बना हुआ है। वर्ष 2024 में पत्थर गिरने से एक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जबकि वर्तमान में भी हर महीने कई बार सड़क पर चट्टानें गिरने से हादसों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत रचोली के खोई गांव के ऊपर पहाड़ी पर एक विशाल बोल्डर लटका हुआ है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बरसात में कई बार ग्रामीणों को अपने घर खाली करने पड़े हैं। उनका कहना है कि यदि यह बोल्डर गिरता है तो खोई गांव, मुख्य सड़क और रामपुर बाजार तक गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि खतरनाक बोल्डर को वैज्ञानिक तरीके से हटाया या सुरक्षित किया जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर क्रेट वायर, रिटेनिंग वॉल, पैरापेट और ड्रेनेज जैसी स्थायी सुरक्षा व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। साथ ही, आपात स्थिति के लिए लगभग 500-600 मीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर उसे जीरो प्वाइंट शनैरी से जोड़ने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी जन-धन हानि की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान डंसा पंचायत प्रधान पदमा कुमारी, रचोली पंचायत प्रधान ज्योति लाल, पूर्व प्रधान देशराज हुडन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
