एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
नगर परिषद रामपुर में अब पूर्व के पांच सालों में किए कामकाज की समीक्षा शुरू की जाएगी। नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष करण शर्मा ने कार्यभार संभालने के बाद परिषद की वित्तीय और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आय व्यय, विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया, विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च और कार्यों की वर्तमान स्थिति से संबंधित दस्तावेज तलब किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि करण शर्मा ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों से पिछले पांच वर्षों के दौरान जारी किए गए टेंडरों और स्वीकृत विकास कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसमें प्रत्येक कार्य की अनुमानित लागत, वास्तविक खर्च, कार्य की प्रगति और वर्तमान स्थिति सहित अन्य संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। परिषद के आय के स्रोतों और विभिन्न मदों में किए गए व्यय की भी समीक्षा की जाएगी।
इसका मुख्य उद्देश्य नगर परिषद के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अध्यक्ष के मुताबिक, रिकॉर्ड की जांच के बाद यह सामने आएगा कि पिछले कार्यकाल में स्वीकृत योजनाओं और विकास कार्यों को किस तरह लागू किया गया तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
गड़बड़ी मिली तो होगी नियमानुसार कार्रवाई
करण शर्मा ने कहा कि यदि रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी या किसी अन्य गंभीर खामी का पता चलता है तो संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के कामकाज में किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सभी मामलों की जांच उपलब्ध रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के आधार पर की जाएगी।
विकास कार्यों की प्राथमिकताएं होंगी तय
अध्यक्ष करण शर्मा ने कहा कि नई परिषद का प्रमुख लक्ष्य शहर में विकास कार्यों को गति देना और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। इसके लिए सबसे पहले पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों और योजनाओं की स्थिति को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि किन योजनाओं पर कितना खर्च हुआ, कौन से कार्य पूरे हो चुके हैं, कौन से लंबित हैं और किन कार्यों की गुणवत्ता या रखरखाव को लेकर सुधार की आवश्यकता है। समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में नगर परिषद के विकास की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
नई परिषद के सामने अब शहर की मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों की गति और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। ऐसे में पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की समीक्षा को नगर परिषद के आगामी कामकाज की दिशा तय करने की महत्वपूर्ण कवायद माना जा रहा है।
