एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंस्टीट्यूट फॉर टीचर एजुकेशन एंड डिग्री कॉलेज, नोगली, बालना में बुधवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की ओर से आपदा जागरूकता एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में सतर्क रहने, स्वयं की सुरक्षा करने और जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देना रहा।
एनडीआरएफ के निरीक्षक प्रवीण भाटिया के नेतृत्व में 14 सदस्यीय दल ने विद्यार्थियों को विभिन्न आपदाओं से निपटने के प्राथमिक उपायों और बचाव तकनीकों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य, सावधानी और सूझबूझ के साथ कार्य करना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के साथ अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में प्राथमिक उपचार, रक्तस्राव नियंत्रित करने तथा हृदयाघात की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को आपात स्थिति में आसपास उपलब्ध वस्तुओं की सहायता से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का तरीका भी व्यावहारिक रूप से समझाया गया। इसके अलावा बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने और संकट के समय उचित निर्णय लेने के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ दल ने विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियां और मॉक ड्रिल करवाईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बचाव तकनीकों का अभ्यास किया। इससे उन्हें आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने का व्यावहारिक अनुभव मिला।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार शर्मा और प्राचार्या डॉ. सीमा भारद्वाज ने एनडीआरएफ निरीक्षक प्रवीण भाटिया सहित 14 सदस्यीय दल का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सेवा भारती की टीम ने भी सहयोग किया। डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन और प्राथमिक बचाव का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। प्राचार्या डॉ. सीमा भारद्वाज ने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ जीवनोपयोगी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम में संस्थान के अध्यापक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आपदा के समय जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करने का संदेश प्राप्त किया।
