एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
महात्मा गांधी मेडिकल सर्विस कॉम्प्लेक्स खनेरी में सफाई कार्य कर रहे ठेका मजदूरों से सफाई के अलावा अन्य कार्य करवाने, कथित तौर पर धमकाने और श्रम कानूनों को लागू न करने के विरोध में खनेरी अस्पताल में ठेका मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, जिला कमेटी सदस्य देविंद्र, यूनियन अध्यक्ष अंबिका, महासचिव सुनामणि और मिलाप नेगी ने कहा कि खनेरी अस्पताल रामपुर, किन्नौर, आनी, कुमारसैन और करसोग सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिससे अस्पताल में लगातार आवाजाही बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर के निर्माण के बाद अस्पताल में सफाई का कार्य और बढ़ गया है, लेकिन वर्ष 2015 के बाद सफाई कर्मचारियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इसके कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों से उनके पदनाम ‘स्वीपर/सफाई कर्मचारी’ के बजाय मल्टी टास्क वर्कर की तरह दवाइयों की पेटियां उठाने, कुर्सी-टेबल साफ करने और अन्य ऐसे कार्य करवाए जा रहे हैं, जो उनके निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर हैं। यूनियन ने इसे श्रम नियमों के विपरीत बताते हुए ऐसे कार्यों को तत्काल बंद करने की मांग की।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि जब मजदूर अपने अधिकारों की बात करते हैं या पदनाम से बाहर का कार्य करने से इनकार करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर नौकरी से निकालने और ‘देख लेने’ की धमकियां दी जाती हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि मजदूरों को डराने-धमकाने के बजाय उनके अधिकारों और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने श्रम विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन के व्यवहार से सफाई कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि एक कर्मचारी की कथित धमकी के बाद सफाई कर्मचारी सीता की तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। यूनियन ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
यूनियन ने अस्पताल प्रशासन से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, कर्मचारियों से उनके पदनाम और निर्धारित कार्य के अनुरूप ही काम लेने तथा अतिरिक्त कार्य के लिए मजबूर न करने की मांग की। इसके अलावा श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ठोस कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सफाई कर्मचारियों से उनके पदनाम से बाहर के कार्य करवाने और कथित तौर पर धमकाने का सिलसिला जारी रहा तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल कर अस्पताल का सफाई कार्य बंद करने की चेतावनी भी दी गई। यूनियन ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
