एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अंतरराष्ट्रीय लवी मेला रामपुर-बुशहर-2026 में इस बार अश्व प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहेगी। हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक अश्वपालन और घुड़सवारी की विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की ओर से 1 से 3 नवंबर तक इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अश्वपालक अपने घोड़ों के साथ भाग लेंगे।
जिला प्रशासन और हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में अश्वपालकों को अपने घोड़ों की विशेषताओं और नस्ल की गुणवत्ता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में अश्वपालन की परंपरा को संरक्षित करने के साथ-साथ घोड़ों की बेहतर देखभाल, प्रजनन और आधुनिक प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
तीन दिन तक चलेंगी गतिविधियां
अश्व प्रदर्शनी के पहले दिन, 1 नवंबर को घोड़ों की प्रविष्टियां और पंजीकरण किया जाएगा। 2 नवंबर को भी पंजीकरण प्रक्रिया जारी रहेगी। इस दौरान अश्वपालकों के लिए संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें अश्वपालन से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन, 3 नवंबर को विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट अश्वों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही घुड़सवारों के बीच गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता आयोजित होगी। 400 मीटर और 800 मीटर की घुड़दौड़ भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। कार्यक्रम के अंत में चयनित अश्वों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
अश्वपालकों और घुड़सवारों से भाग लेने की अपील
आयोजकों ने प्रदेश और देश के अश्वपालकों, घुड़सवारों तथा पशु प्रेमियों से प्रदर्शनी में भाग लेने का आह्वान किया है। प्रतिभागियों से निर्धारित तिथियों पर पहुंचकर समय पर पंजीकरण करवाने की अपील की गई है।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेला व्यापार, लोक संस्कृति और पारंपरिक गतिविधियों के लिए विशेष पहचान रखता है। ऐसे में अश्व प्रदर्शनी के माध्यम से क्षेत्र की पारंपरिक अश्व संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ अश्वपालकों को अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।
