एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से होने वाली आय में नगर परिषद रामपुर की हिस्सेदारी बढ़ाने और मेले की अवधि निर्धारित करने की मांग उठी है। नगर परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त शिमला एवं लवी मेला कमेटी के अध्यक्ष अनुपम कश्यप को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर मेले के आयोजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया। परिषद ने स्पष्ट किया कि मेले की व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों की सुविधाओं, व्यापारियों के हितों और शहर के विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
नगर परिषद ने प्रस्ताव रखा कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का आयोजन 11 नवंबर से 11 दिसंबर तक निर्धारित अवधि में किया जाए। परिषद के अनुसार, मेले के लिए लगाई जाने वाली दुकानें निर्धारित समय से अधिक अवधि तक रहने के कारण शहर में यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इससे स्कूली बच्चों, आम नागरिकों और स्थानीय व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। साथ ही, अस्थायी दुकानों के लंबे समय तक बने रहने से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
ज्ञापन में मेले के दौरान प्लॉट आवंटन के लिए होने वाली बोली की दरों में अनावश्यक बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग की गई। नगर परिषद ने मेले से होने वाली आय और आयोजन पर किए जाने वाले खर्च का पूरा विवरण पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया। परिषद का कहना है कि मेले से अर्जित राजस्व का लाभ रामपुर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में भी मिलना चाहिए। इसके लिए नगर परिषद को मिलने वाली राजस्व हिस्सेदारी बढ़ाई जानी आवश्यक है।
यातायात सुधार और सड़कों को पक्का करने की मांग
शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर परिषद ने गौशाला से कैफे की ओर जाने वाले मार्ग को सुचारू करने और कच्चे बाईपास मार्ग को पक्का करने की मांग भी रखी। परिषद के मुताबिक, इन कार्यों से यातायात प्रबंधन में सुधार होगा और कच्चे मार्ग से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों को होने वाली परेशानी कम होगी। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ मेले में आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी।
नगर परिषद के अध्यक्ष करण शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित नेगी और पार्षदों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेला रामपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेले का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार है। हालांकि, आयोजन की व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए, जिससे शहरवासियों को अनावश्यक परेशानी न हो और स्थानीय व्यापार को भी नुकसान न उठाना पड़े।
परिषद ने उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर जिला प्रशासन और मेला कमेटी सकारात्मक निर्णय लेंगे, ताकि मेले का आयोजन बेहतर व्यवस्थाओं, पारदर्शिता और जनहित की भावना के साथ किया जा सके।
