एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल के सनेई में शुक्रवार को हुए बस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह स्वयं जांच करेंगे। प्रशासन ने दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हादसे के बाद नोग वैली के ग्रामीणों के साथ आयोजित बैठक में सड़क सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और दुर्घटनाओं की रोकथाम से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए गए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और ग्रामीण रूटों पर खराब हालत वाली बसों का संचालन बंद करने की मांग की।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली कई बसों में तकनीकी खराबी आने और बीच रास्ते में बंद होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि बसों की नियमित तकनीकी जांच की जाए और निर्धारित मानकों पर खरी न उतरने वाली बसों को रूटों पर चलाने की अनुमति न दी जाए।
पुरानी बसों को बदलने के लिए निगम के उच्चाधिकारियों से उठेगा मामला
एसडीएम ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए कि निर्धारित अवधि पूरी कर चुकी बसों को बदलने और उनके स्थान पर नई बसें उपलब्ध करवाने का मामला निगम के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना आवश्यक है।
दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित करेगा लोक निर्माण विभाग
बैठक में सड़कों की खराब स्थिति और दुर्घटना संभावित स्थानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से ऐसे स्थानों की पहचान की जाए, जहां पहले दुर्घटनाएं हो चुकी हैं या हादसे की आशंका बनी रहती है। चिह्नित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय और सुधार कार्य करवाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा खराब सड़कों की मरम्मत उपलब्ध बजट के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया। एसडीएम ने यह भी बताया कि क्षेत्र की सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने और सुधार कार्यों को गति देने के लिए कदम उठाए जा सकें।
मृतकों के परिजनों और घायलों को राहत देने का आश्वासन
प्रशासन की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। वहीं, घायलों को मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने और इलाज पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के जरिए करने की बात कही गई।
बैठक में ग्रामीणों ने एक बार फिर हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों की स्थिति, परिवहन सेवाओं और ग्रामीण सड़कों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग, एचआरटीसी, श्रम विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। डंसा पंचायत की प्रधान पदमा कुमारी, पूर्व प्रधान देश राज हुडन, विक्रम कायथ सहित नोग वैली के कई ग्रामीणों ने बैठक में भाग लिया।
