एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
जीबी पंत मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय रामपुर बुशहर में प्राणी विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से 75वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण की वर्तमान चुनौतियों से अवगत करवाया गया। कार्यक्रम की थीम ‘कनेक्टिंग हैबिटैट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ’ रही।
कार्यक्रम में रामपुर के मुख्य वन संरक्षक सीबी ताशीलदार और मंडलीय वन अधिकारी गुरहर्ष सिंह ने विषय विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पंकज बासोतीया, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आशा गर्ग, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता कुमारी, भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराधा कनैन, सहायक प्राध्यापक योजना ठाकुर व निर्मला नेगी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
संवादात्मक सत्र के दौरान वन अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ वनाग्नि, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘ईगो से इको’ यानी अहं से प्रकृति की ओर बढ़ने का संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही वन संरक्षण का पर्याप्त उपाय नहीं है, बल्कि मौजूदा वनों को बचाना और प्राकृतिक संसाधनों का सतत एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना भी जरूरी है।
इस दौरान वन विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों में प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध करवाने के अवसरों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘वन्यजीवों के लिए सोचें—दी गई चुनौती का रचनात्मक समाधान’ प्रतियोगिता करवाई गई। विद्यार्थियों ने वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष, अवैध शिकार, वन्यजीव आवासों के विनाश और बाहरी आक्रामक प्रजातियों जैसी चुनौतियों के रचनात्मक समाधान प्रस्तुत किए। इसके अलावा वन्यजीव आधारित फोटो शीर्षक लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिताओं और संवादात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता, रचनात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का दूसरा दिन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, संवादात्मक और प्रेरणादायक रहा।
