एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
लुहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (सम्बद्ध सीटू) का तीसरा सम्मेलन नीरथ में आयोजित किया गया। सम्मेलन के संचालन के लिए चार सदस्यों का अध्यक्षमंडल गठित किया गया, जिसने सम्मेलन की कार्यवाही संचालित की।
सम्मेलन में यूनियन की 13 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया। इसमें प्रमोद पालसरा को अध्यक्ष, अमित को उपाध्यक्ष, सतीश को महासचिव, शुभम को सचिव और कुन्दन शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं मंजीत, रजनीश, लोकेंद्र, रोहित जोशी, सुमन, सुरेंद्र, इन्द्रा और नीतू को कमेटी सदस्य चुना गया। सम्मेलन में सीटू जिला शिमला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, जिला कमेटी सदस्य राजपाल, काम राज, तिलक तथा 1500 मेगावाट यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार, चंद्रपाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मनरेगा से जुड़े प्रावधानों को प्रभावित करने वाले वीबी-जी-राम-जी कानून को वापस लेने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
सीटू जिला कमेटी सदस्य काम राज ने चारों लेबर कोड—वेतन कोड 2019, औद्योगिक संबंध कोड 2020, सामाजिक सुरक्षा कोड 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति कोड 2020—के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कोडों से मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकार, वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा कमजोर होगी तथा ठेका, कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने हड़ताल के अधिकार और स्थायी रोजगार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने मांग की कि सभी लेबर कोडों को तत्काल वापस लिया जाए, पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं और मजदूर हित में आवश्यक वैज्ञानिक संशोधन किए जाएं। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि छात्रों और नौजवानों के संघर्ष ने आम जनता के बीच बदलाव की उम्मीद को मजबूत किया है। उन्होंने मजदूरों से भी अपने अधिकारों और मांगों के लिए संगठित होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
सम्मेलन के अंत में मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों, वीबी-जी-राम-जी कानून तथा लुहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के मजदूरों की मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया। यूनियन ने प्रोजेक्ट प्रबंधन से मजदूरों की मांगें मनवाने के लिए आंदोलन को और मजबूत करने की बात कही।