एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
अधिष्ठाता देवता साहिब झाकणु नाग जी (15/20) का नया गीत रिलीज कर दिया गया है। गीत के लेखक एवं निर्माता सुदर्शन रांटा, प्रवक्ता-इतिहास ने बताया कि यह गीत पिछले करीब दो वर्षों से तैयार था, लेकिन इसके रिलीज होने का संयोग नहीं बन पाया। अब इसे श्रद्धालुओं और देवता प्रेमियों के लिए रिलीज किया गया है।
सुदर्शन रांटा ने बताया कि देवता साहिब झाकणु नाग जी का मूल निवास जिला कुल्लू की निरमंड तहसील के अंतर्गत धारा-सरगा (15/20) की अंतिम सीमा पर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे क्षेत्र में स्थित है। यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद आकर्षक है। यहां पहुंचकर श्रद्धालु और पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुकून का अनुभव करते हैं।
उन्होंने बताया कि धारा-सरगा स्थित ग्रीन पार्क कुसुंभा में बड़ा मैदान है। यहां देवता साहिब झाकणु नाग जी का मंदिर भवन, वन विभाग का विश्राम गृह और बंगला भी मौजूद है। प्राकृतिक सुंदरता के कारण इस क्षेत्र की तुलना मिनी स्विट्जरलैंड से की जाती है। देवता साहिब के निवास स्थल धारा-सरगा-मोहाली (15/20) का जलप्रपात भी क्षेत्र की सुंदरता में चार चांद लगाता है। इसके अलावा प्रसिद्ध डुडकू कांडा भी यहां मौजूद है, जहां कई कलाकार वर्षों से अपने गीतों की शूटिंग और रिलीज कर चुके हैं।
नौ नागों में पांचवां स्थान
सुदर्शन रांटा के अनुसार देवता साहिब झाकणु नाग जी की उत्पत्ति का संबंध सरपारा (15/20) गांव से बताया जाता है, जो रामपुर तहसील, जिला शिमला के अंतर्गत आता है। मान्यता के अनुसार सरपारा में देवता साहिब जल नाग जी और नागिन माता लम्बदूदी से नौ नागों की उत्पत्ति हुई थी। इनमें देवता साहिब झाकणु नाग जी का भी स्थान माना जाता है। नौ नागों में श्वेत जटाधारी झाकणु नाग जी को पांचवां स्थान प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि देवता साहिब झाकणु नाग जी के कुछ बड़े और कुछ छोटे भाई हैं, लेकिन उनकी अपनी विशिष्ट पहचान है। श्वेत जटाधारी देवता की शक्ति, उग्र प्रदर्शन और कार्य करने की शैली अन्य भाइयों से अलग मानी जाती है। धारा-सरगा क्षेत्र में देवता साहिब झाकणु नाग जी को ‘FOREIGN’ नाम से भी संबोधित किया जाता है।
रामपुर फाग मेला और सराहन दशहरे में दिखता है प्रभाव
देवता साहिब झाकणु नाग जी का प्रभाव रामपुर फाग मेला और सराहन दशहरे में विशेष रूप से देखने को मिलता है। उनका प्रभाव कुल्लू, शिमला, किन्नौर, मंडी सहित हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बताया जाता है।
सुदर्शन रांटा ने समस्त जनमानस से देवता साहिब झाकणु नाग जी के नए गीत को अधिक से अधिक पसंद, शेयर और फॉलो करने के साथ यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देवता साहिब झाकणु नाग जी की कृपा सभी श्रद्धालुओं और उनके परिवारों पर बनी रहे।
गीत के गायक के. आर. नेगी, संगीत निर्देशक बी.के. दीवान, वीडियो फोटोग्राफी राज कुल्लवी एवं संजू कुल्लवी ने की है, जबकि यशवंत जेल्टा ने शहनाई वादन किया है। गीत के लेखक एवं निर्माता सुदर्शन रांटा, प्रवक्ता-इतिहास, पदम उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामपुर, जिला शिमला हैं।
