एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव-2026 को व्यापक पहचान दिलाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार की विशेष रणनीति तैयार की है। इस संबंध में उपायुक्त एवं किन्नौर महोत्सव मेला समिति की अध्यक्ष सोनाक्षी सिंह तोमर की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी सम्मेलन कक्ष में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और गैर-सरकारी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 30 अक्तूबर से 2 नवंबर, 2026 तक रिकांग पीओ में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव के प्रचार-प्रसार और विभिन्न गतिविधियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को साझा करनी होंगी चार प्रचार सामग्री
बैठक में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से 17 से 29 अक्तूबर तक महोत्सव के प्रचार से संबंधित सामग्री नियमित रूप से साझा करने का आग्रह किया गया। प्रत्येक इन्फ्लुएंसर से कम से कम चार प्रचार सामग्री साझा करने की अपेक्षा की गई है। इनमें दो रील, एक पोस्ट और एक स्टोरी शामिल होगी।
इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन किन्नौर के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों के साथ समन्वय स्थापित करने, निर्धारित हैशटैग का उपयोग करने और प्रचार सामग्री में संबंधित आधिकारिक खातों को टैग करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य महोत्सव की जानकारी स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना है।
किन्नौर की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर ने कहा कि सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग से किन्नौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, लोकसंगीत, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों और किन्नौर की विशिष्ट परंपराओं को प्रचार सामग्री में प्रमुखता देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि महोत्सव की गतिविधियों को रचनात्मक और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत कर किन्नौर की सांस्कृतिक पहचान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे जिले के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय कलाकारों और प्रमुख कार्यक्रमों की होगी विशेष कवरेज
बैठक में महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों और आकर्षणों पर केंद्रित प्रचार सामग्री तैयार करने तथा प्रतिदिन आयोजित होने वाली गतिविधियों की तस्वीरें, वीडियो, रील और स्टोरी साझा करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रमों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को समयबद्ध तरीके से लोगों तक पहुंचाने पर भी बल दिया गया।
इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और आम लोगों के अनुभवों को सोशल मीडिया के माध्यम से सामने लाने की आवश्यकता जताई गई। महोत्सव के दौरान प्रमुख कार्यक्रमों की कवरेज, साक्षात्कार, पर्दे के पीछे की गतिविधियों और दिनभर के मुख्य आकर्षणों को भी रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रमाणिक जानकारी और स्थानीय परंपराओं के सम्मान पर जोर
उपायुक्त ने प्रचार-प्रसार के दौरान तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक जानकारी साझा करने और स्थानीय संस्कृति व परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए महोत्सव के प्रचार में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों से राज्य स्तरीय किन्नौर महोत्सव को व्यापक पहचान मिलेगी और जिले की सांस्कृतिक धरोहर, स्थानीय परंपराओं तथा पर्यटन को नई गति मिलेगी।
ये रहे उपस्थित
बैठक में सहायक आयुक्त-उपायुक्त एवं मेला समिति के सचिव विपन ठाकुर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सुख देव, शिवानी नेगी और प्रेरणा नेगी तथा गैर-सरकारी सदस्य विक्रम सिंह नेगी, हितेश नेगी, राकेश नेगी और रोहित नेगी उपस्थित रहे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मंजुला नालंदा और पनमा परका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। आधिकारिक सदस्य शबनम मेहता और पावन भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
