एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर और ननखड़ी तहसील के दूरदराज व दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब राजस्व संबंधी काम के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। रामपुर तहसील के 15/20 क्षेत्र के गानवी और ननखड़ी तहसील के थैली चकटी में नई उपतहसील खोलने का प्रस्ताव एक बार फिर सरकार के समक्ष भेजा गया है। जिला प्रशासन ने दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की परेशानियों को देखते हुए इनके गठन की पुरजोर सिफारिश की है।
इन क्षेत्रों के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए वर्तमान तहसील मुख्यालय तक पहुंचना पड़ता है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई लोगों के लिए यह सफर समय और धन दोनों की दृष्टि से परेशानी का कारण बनता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज की पंचायतों में रहने वाले लोगों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उपतहसील खुलने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
विधायक नंद लाल ने भी समीक्षा बैठक में जारी किए थे निर्देश
सातवें वित्तायोग अध्यक्ष व स्थानीय विधायक नंद लाल ने भी समीक्षा बैठक में गानवी व थैली चकटी को उप तहसील बनाने बारे स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए थे कि इससे संबंधित सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाए, ताकि दूर दराज क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
छह पंचायतों के लोगों को होगा सीधा लाभ
रामपुर तहसील में वर्तमान में 21 पटवार सर्किल हैं। तहसील का क्षेत्र काफी विस्तृत है और इसकी सीमाएं किन्नौर, सराहन, ननखड़ी, तकलेच, कुल्लू और कुमारसैन क्षेत्रों से लगती हैं। प्रस्तावित घानवी उपतहसील का क्षेत्र तहसील मुख्यालय से काफी दूर और कठिन पर्वतीय भूभाग में है। यह क्षेत्र करीब छह ग्राम पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है।
प्रशासन के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में इन क्षेत्रों के लोगों को राजस्व कार्यों के लिए रामपुर पहुंचना पड़ता है। घानवी में उपतहसील बनने से लोगों को राजस्व सेवाएं उनके नजदीक मिल सकेंगी। इससे समय और यात्रा खर्च की बचत के साथ प्रशासनिक कामकाज में भी तेजी आएगी।
थैली चकटी में उपतहसील से ननखड़ी क्षेत्र को राहत
ननखड़ी तहसील में 15 पटवार सर्किल हैं और इसका क्षेत्र भी काफी विस्तृत तथा दुर्गम है। इसकी सीमाएं रामपुर, रोहड़ू, कोटखाई, टिक्कर और कोटगढ़ क्षेत्र से लगती हैं। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में भौगोलिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित थैली-चकटी उपतहसील बनने से लोगों को राजस्व संबंधी काम के लिए ननखड़ी मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी कार्य और अन्य राजस्व मामलों के निपटारे के लिए लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
व्यवस्था मजबूत करने को नए कानूनगो सर्किल की भी जरूरत
प्रशासन ने दोनों प्रस्तावों के साथ प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की जरूरत भी बताई है। गानवी उपतहसील के साथ नया कानूनगो सर्किल गानवी बनाने की सिफारिश की गई है। वहीं, थैली चकटी उपतहसील बनने के बाद ननखड़ी तहसील में नौ पटवार सर्किल शेष रह जाएंगे, जिनके काम के लिए केवल एक फील्ड कानूनगो रह जाएगा। प्रशासन ने इसे जनहित और प्रशासनिक मानकों के अनुरूप नहीं माना है। इसलिए ननखड़ी में नया कानूनगो सर्किल जतरेल बनाने की भी सिफारिश की गई है।
पहले भी भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव
गानवी और थैली चकटी उपतहसील के गठन के प्रस्ताव पहले भी सरकार को भेजे जा चुके हैं। इस संबंध में राजस्व विभाग की ओर से दोबारा पत्र भेजकर प्रस्तावों पर कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। जिला प्रशासन ने आवश्यक विवरण के साथ दोनों प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत करते हुए इन्हें व्यापक जनहित में आवश्यक बताया है।
लोगों को है फैसले का इंतजार
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए उपतहसील का गठन केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि रोजमर्रा की सरकारी सेवाओं को उनके घर के नजदीक पहुंचाने की पहल होगी। अब लोगों की नजर सरकार के फैसले पर है। यदि दोनों प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो रामपुर और ननखड़ी के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिल सकती है।
