एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत रचोली के अंतर्गत सुंडा–स्नेई सड़क पर लगातार हो रहे भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम तय करना था।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूस्खलन वाले हिस्सों का बारीकी से अध्ययन किया और उन स्थानों की पहचान की, जहां से लगातार मलबा और पत्थर सड़क पर आ रहे हैं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी लेकर समस्या के कारणों और उसके प्रभावों पर चर्चा की।
संयुक्त निरीक्षण दल में भू-विज्ञान विभाग के भू-वैज्ञानिक विजय, मृदा संरक्षण विभाग के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दिनेश शर्मा, कनिष्ठ अभियंता अजय श्याम, वन विभाग के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) तेज सिंह तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी (बीओ) योगराज शामिल रहे। राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ ग्राम पंचायत रचोली की प्रधान वीना नेगी, उपप्रधान ज्योति लाल, सुंडा वार्ड सदस्य विजय वीर सिंह, ग्राम पंचायत डंसा की प्रधान पदमा देवी और उपप्रधान राजेंद्र नेगी भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की मांग की।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मौके से एकत्रित तकनीकी जानकारी के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा कार्यों और स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि संयुक्त निरीक्षण के बाद लंबे समय से बनी इस समस्या का प्रभावी समाधान निकलेगा और सुंडा–स्नेई सड़क पर आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
