एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
वन विभाग की वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता से पहले पाटबंगला स्थित राजकीय महाविद्यालय रामपुर के खेल मैदान की सूरत संवारने का काम तेज हो गया है। लंबे समय से बदहाल नजर आ रहे इस मैदान को समतल करने के बाद अब हाइड्रोसीडिंग तकनीक से घास उगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि प्रतियोगिता से पहले मैदान को हरा-भरा और खेलों के अनुकूल बनाया जा सके।
मैदान में घास उगाने का काम शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू होगा। इसके चलते मैदान के दोनों गेट करीब एक सप्ताह तक बंद रखे जाएंगे। इस दौरान लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी, ताकि नई बोई गई घास को पर्याप्त समय मिल सके और वह अच्छी तरह विकसित हो सके। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अवधि में मैदान में प्रवेश न करें और इसके रखरखाव में विभाग व प्रशासन का सहयोग करें।
दरअसल, 11 से 13 सितंबर तक पाटबंगला मैदान में वन विभाग की वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता आयोजित की जानी है। प्रतियोगिता की तैयारियों के साथ ही विभाग ने मैदान की दशा सुधारने को प्राथमिकता दी है। वन वृत्त रामपुर ने स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से मैदान को समतल, स्वच्छ और व्यवस्थित करने का अभियान चलाया। अब हाइड्रोसीडिंग के माध्यम से मैदान में घास उगाने का काम किया जा रहा है।
मैदान को बेहतर स्वरूप देने के लिए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी श्रम किया। अरण्यपाल रामपुर सीबी ताशीलदार, वन मंडलाधिकारी गुरहर्ष सिंह सहित वन परिक्षेत्र अधिकारियों, उप वन परिक्षेत्र अधिकारियों, वन रक्षकों, वन मित्रों और अन्य कर्मचारियों ने मैदान को समतल करने में योगदान दिया।
प्रतियोगिता के लिए बनीं 16 कमेटियां
वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए वन विभाग ने 16 कमेटियों का गठन किया है। इनमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर वन मित्रों तक को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अरण्यपाल रामपुर सीबी ताशीलदार ने बताया कि सभी कमेटियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं। सभी सदस्य प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए अपनी भूमिका निभाएंगे।
आम जनता से सहयोग की अपील
अरण्यपाल रामपुर सीबी ताशीलदार ने कहा कि 11 से 13 सितंबर तक होने वाली वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए पाटबंगला मैदान में हाइड्रोसीडिंग से घास उगाने का काम शुरू किया जा रहा है। नई घास को विकसित होने के लिए मैदान को करीब एक सप्ताह बंद रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मैदान को सुंदर और व्यवस्थित बनाने में वन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन का सहयोग करें।
