एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश वेटरिनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वर्ष 2022 में राज्य सरकार द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए Assured Career Progression Scheme (ACPS) तथा Non-Practising Allowance (NPA) समाप्त किए जाने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय की पुनर्समीक्षा कर दोनों सुविधाओं को पुनः बहाल करने की मांग की है।
डॉ. अनिल शर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी दत्तनगर, के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रामपुर के विधायक एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. छवि, डॉ. अरविंद, डॉ. हरीश सहित अन्य पशु चिकित्सा अधिकारी भी शामिल रहे।
डॉ. अनिल शर्मा ने विधायक को विस्तार से बताया कि ACPS और NPA बंद होने के बाद राज्यभर में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही उनके कैरियर में पदोन्नति और वित्तीय प्रगति प्रभावित होने से मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी पशुधन स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी सेवाओं के अनुरूप सुविधाएं मिलना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद विधायक एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल ने आश्वासन दिया कि इस विषय को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजनीश, उपाध्यक्ष डॉ. हितेश जसवाल तथा महासचिव डॉ. तरुण ठाकुर ने भी राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वर्ष 2022 के निर्णय की पुनः समीक्षा करते हुए ACPS और NPA को बहाल किया जाए। उनका कहना है कि इससे वर्तमान आर्थिक असमानताओं को दूर करने के साथ-साथ पशु चिकित्सा अधिकारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अधिक समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर पशु चिकित्सा अधिकारियों के हितों की रक्षा करेगी।
